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New Moral Stories In Hindi (Hindi Story) - 10 नई छोटी कहानिया बच्चो के लिए

New Moral Stories In Hindi (Hindi Story) (Moral Stories In Hindi)


आज हम जानेंगे 10 New Moral Stories In Hindi. This are panchatantra short stories in hindi.
New Moral Stories In Hindi (Moral Stories In Hindi)

हम लाए है top 10  moral stories in hindi, यह short moral stories in hindi  जोकि बच्चो को काफी पसंद आएगी और उन्हें काफी अच्छी सीख भी देंगी यह moral stories in hindi teachers  के भी काम आएंगे बच्चो को अच्छी सिख देने के लिए

तोह चलिए पढ़ते है new moral stories in hindi for kids.


New Moral Stories In Hindi (मोरल स्टोरीज इन हिंदी)


1.)  लालची व्यापारी
(moral stories in hindi for kids)


एक गांव में एक श्याम नाम का आदमी रहता था। उसे अपना एक व्यापार शुरू करना था उसके पास व्यापार शुरू करने के पैसे भी थे, पर उसे व्यापार के बारे में कुछ पता नही था । एक दिन दिनेश नाम का एक रसोईया उसे मिला और उसे कहा में एक ढाबे पे काम करता था पर वहां से उसेके मालिक ने उसे निकाल दिया।
तोह उसेने श्याम से कहा कि उसके पास पैसे नही है तो वह नया व्यापार शुरू नही कर सकता , यह सुनके श्याम ने कहा कि चलो हम मिलकर एक नया ढाबा चालू करते है में उसमे पैसे लगा दूंगा और जो मुनाफावा होगा उसका 90% प्रतिशत में रखूंगा क्योंकि में इस व्यापार में पैसे लगा रहा हु और तुम्हे 10% प्रतिशत देदूँगा । यह सुनकर दिनेश ने हा करदी और दोनो ने ढाबा शुरू करदिया। दिनेश रोटी सब्जी बनाता और श्याम उन्हें ग्राहकों को परोसता।
उनका ढाबा बोहोत अच्छा चल रहा था । एक दिन दिनेश ने सोचा की वह इतना काम करता हे, रोटियां और सब्जियां बनाता है और श्याम सिर्फ उन्हें परोषता है, और 90 % मुनाफा भी लेता है, यह सोच के उसने श्याम से कहा कि में ईतनी मेहनत करता हु मुझे 10% की जगह 50% चाहिए, श्याम ने मना करदिया और यह सुनकर दिनेश ने कहा कि में अब तुम्हारे साथ काम नही करूँगा और वहां से चला गया।

अगले दिन उसने अपना दूसरा ढाबा खोला, पर एक आदमी होने के कारण वह अकेला सब कुछ नही संभाल पाया, और दूसरी तरफ श्याम का भी यही हाल था। फिर अगले दिन दिनेश फिरसे श्याम के पास गया और कहा अकेले ढाबा चलाना मुष्किल हो रहा है, हमे फिरसे साथ मे काम करना चाहिए, फिर इसके साथ दोनो फिरसे काम करने लगे और उनका व्यापार अच्छा चलता रहा।


- सिख (Moral Of This story) -

तोह दोस्तो इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है की लालच नही करना चाहिए क्योंकि लालच अच्छी बात नही हैं।


2. मूर्ख कौआ
(moral stories in hindi for class 10)


एक सहर में कालू नाम का एक कौआ था । वह हर रोज अपने दोस्तों के साथ सुबह उठ कर खाने की खोज में निकलता था। एक दिन वह देरी से उठा, तब तक उसके सारे दोस्त निकल चुके थे तो वह खाने की खोज में अकेला निकल गया। खोजते खोजते उसके नाक में स्वादिस्ट लड्डुओं की सुगन्ध पड़ी, और उसने देखा कि एक दुकान पर एक हलवाई लड्डू बना रहा है।


New Moral Stories In Hindi (Moral Stories In Hindi)

तो कालू वहा उस दुकान पर गया ताकि वह वोह लड्डू खा सके पर वहां उस हलवाई के होने के कारण वह उसे खा न सका, तो वह दुकान के पीछे गया और बोला "दादाजी यहाँ आइये" तो उस हलवाई को लगा उसका पोता उसे बुला रहा हे, तो वह अपने घर के अंदर गया, इसी मोके का फायदा उठा कर कालू वह से एक लड्डू ले कर उड़ गया और अपने घोंसले में चला गया।

जब वह अपने घोसले में लड्डू खाने की तैयारी में था तब वह से एक चतुर लोमड़ी गुजर रहा था। उसने कालू के चोंच में लड्डू देखा और उसके मुह में पानी आगया और उसने लड्डू खाने के लिए एक तरकीब बनाई।

वह कालू के पास जाकर उसकी आँखें, चोंच और उसके पंखों की तारीफ करने लगा तारीफ करने लगा। यह सुनकर कालू बोहोत ही खुश हो रहा था, और उस लोमड़ी को शुक्रिया करने के लिए उसने अपना मुंह खोला तो उसके चोंच से लड्डू नीचे गिर और लोमड़ी लेके फरार होगया, और कालू को कुछ खाने नही मिला।


- सिख (Moral Of This story) -

इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है कि कभी भी अपनी तारीफ  सुन कर ज्यादा खुस नही होना चाहिए।


3. ईमानदारी का ईनाम
(hindi short story with moral)


एक गांव में रमेश नाम का एक गरीब पेंटर रहता था। वह छोटे मोटे काम करता था, और उससे उसकी इतनी कमाई नही होती थी कि वोह अपना गुजारा कर सके । एक दिन उस गांव के एक ठेकेदार ने उसे अपनी नाव को रंग करने का काम दिया और रमेश को कहा कि तुम इसके कितने पैसे लोगे, तोह रमेश ने कहा इस मे इसका 2000 रुपए लूंगा बाकी आपको जो सही लगता है आप उतना देदेना । तो ठेकेदार के कहा ठीक है कलसे काम शुरू करदो।
अगले दिन रमेश नाव को रंग करने के लिए जाता है, रंग करते समय वह देखता है कि नाव में एक छेद है , तो वह पहले उस छेद को सही करदेता ह और फिर रंग का काम पूरा करदेता है, और ठेकेदार के पास जाकर कहता है कि रंग का काम होगया है।

ठेकेदार रमेश का काम देख कर बोहोत खुस होता है और उसे कहता है कि कल सुबह आकर तुम पैसे ले जाना । उस श्याम को ठेकेदार के परिवार उस नाव में घूमने के लिए जाते है, और ठेकेदार अपने घर चला जाता है। तभी ठेकेदार का कर्मचारी आता है और उससे मिलता है , फिर वह कहता है कि बच्चे और भाभीजी कहा है, तोह ठेकेदार उसे सारी बात बताता है। यह सुन कर कर्मचारी परेशान होकर कहता है कि उस नाव में तो छेद था, यह सुनकर ठेकेदार भी बोहोत परेशान होजाता है।

तभी ठेकेदार का परिवार घूम कर वापस आता है, उन्हें देखकर ठेकेदार को शांति मिलती है। फिर जब अगले दिन रमेश अपने पैसे लेने आता है, और जब वह पैसे लेके गिनता है तो उसमें 2000 रूपए की जगह 10,000 रुपए होते है । यह देख कर रमेश कहता है कि मालिक अपने गलती से ज्यादा पैसे देदिये है, ठेकेदार कहता है यह तुम्हारी बहादूरी का ईनाम है इसलिए तुम इसे अपने पास रखो, यह तुम्हारे ही है। यह सुनकर रमेश बोहोत खुस हुआ और वहा से खुशी खुशी पैसे लेके घर चला गया।


- सिख (Moral Of This story) -

तोह दोस्तो इससे हमें यह सिख मिलती है कि हमे कभी बेमानी नही करनी चाहिए हमेशा अपना काम ईमानदारी से करना चाहिए।


4. जादुई छत्तरी
(moral stories in hindi for class 7)


एक सहेर में सोनू नाम का बच्चा रहता था, वह बड़ा होशियार और ईमानदार था। एक दिन उसके स्कूल में एक रीनू नाम की लड़की रो रही थी तोह सोनू ने पूछा रीनू तुम क्यों रो रही हो, तो रीनू ने कहा उसकी मम्मी ने उसे 50 रुपये दिए थे जो घूम होगए, और अगर वह यह बात अपनी मम्मी को बताएगी तो वह गुस्सा करेंगी। यह सुनके सोनू ने उसे अपने 50 रुपए दिए और रीनू खुस गई। जब सोनू स्कूल से अपने दोस्त राजेश के साथ घर जा रहा था तब राजेश ने बोला देखो यह रहे 50 रुपए मेने ही चुराए थे अगर तुमने किसीको बताया तो में तुम्हे मरूँगा ये कह कर चला गया।
New Moral Stories In Hindi (Moral Stories In Hindi)

घर जाते जाते सोनू को रास्ते मे एक छत्तरी मिली, जैसे ही सोनू ने छत्तरी उठाई तोह छत्तरी ने कहा में जादुई छत्तरी हु जो तुम बोलोगे में वोह करूँगा पर अगर तुम मुझे किसी गलत काम के लिए इस्तमाल करोगे तो तुम मुसीबत में पड़ जाओगे, तो सोनू ने उसे कहा मेरे पैर दुख रहे है मुझे घर ले चलो तो वह छत्तरी उसे उड़ा कर उसके घर ले जाती है । यह बात वह अपने मम्मी पापा को बताता है, रात को वह छत्तरी से कहता है कि हमने बोहोत दिनों से टेस्टी खाना नही खाया है , तो छत्तरी उनके लिए टेस्टी कहना लाती है और वह सब मजे से खाते है यह सब होते हुए राजेश देख लेता ह।

जब सोनू और उसका परिवार सो रहा होता ह तो रात को राजेश आके वह छत्तरी चुरा लेता है। सुबह उठते ही सोनू को छत्तरी नही मिलती वह सब जगह अपने मम्मी पापा के साथ ढूंढता है फिर भी नही मिलती, तभी उसकी नज़र राजेश पे पड़ती है और वह देखता है उसकी छत्तरी राजेश के पास है और वह राजेश के पास जेक बोलता है यह मेरी छत्तरी है तुमने इसे भी चुरा लिया । राजेश बोला यह मेरी है मुझे मिली अगर तुमने ज्यादा कुछ बोला तो तुम्हे इसी छत्तरी से पितवाऊंगा, और उसने बोलै "जादुई छत्तरी इसे मारो" तभी राजेश के हाथ से छत्तरी निकल कर राजेश को ही मारती है, फिर राजेश बोला मेने तुम्हे उसे मारने के लिए कहा था मुझे नही, फिर छत्तरी ने कहा कि अगर कोई मुझे गलत काम के लिए इस्तेमाल करेगा तो वही आदमी मुसीबत में पड़ जाएगा यह कह कर छत्तरी फिरसे सोनू के हाथ मे चली गई।
फिर सोनू उस छत्तरी से सबकी मदत करने लगा और अपनी ज़िंदगी खुसी से जीने लगा।


- सिख (Moral Of This story) -

तोह दोस्तो इस कहानी से हिमे यह सिख मिलती है कि कभी हमे चोरी नही करनी चाहिए और किसीका बुरा नही करना चाहिए नही तो एक दिन हम मुसीबत में पड़ सकते है।


5. झूठा खरगोश
(kahani in hindi funny)


एक समय की बात है एक जंगल मे मीकू नाम का खरगोश रहता था वह सबको हमेशा झूठ बोलता था और  अपनी बातों को बडा चढ़ा कर बोलता था । एक दिन  वह एक मैना से कह रहा था कि वह अभी शाही भोजन करके आया है शेर राजा के साथ, और शेर राजा ने उसे अपने ऊपर बैठा कर जंगल मे घुमाया।
New Moral Stories In Hindi (Moral Stories In Hindi)

एक दिन एक बगुला आया और मैना से पूछा कि मीकू कहा है, तभी मीकू वह से गुजर रहा था तो बगुला कुछ कहे उससे पहले मीकू उससे भी बड़ी बड़ी बातें बोलने लगा और उसे कुछ बोलने नही दिया, दो तीन बसर बगुले ने बोलने की कोशिश की पर मीकू बोले ही जा रहा था। फिर बगुला जाने लगा तो मीकू ने कहा अरे कहा जा रहे हो तो बगुले ने कहा में यह तुम्हारे लिए एक शाही काम था और शेर राजा ने तुम्हे दावत पे बुलाया था पर तुम मेरी सुन ही नही रहे तो में क्या बोलू यह कह कर वह वहा से चला गया।


- सिख (Moral Of This story) -

तोह यह कहानी से हमे यह सिख मिलती है कि हमे कभी झूठ नही बोलना चाहिए और कभी बफ बड़ी बाते नही करनी चाहिए जिससे हमारा ही नुकसान हो।


6. बेइमान कर्मचारी
(moral stories in hindi)


एक बार एक सहर में एक श्रेय नाम का सेठ रहता था, उसका एक कर्मचारी था जो बोहोत बेईमान था उसका नाम सौरभ था । वह हर बार हिसाब में घपला करता और अपने मालिक को कहता कि व्यापार में नुकसान हुआ है और पैसे अपने पास रख लेता था।
एक दिन सेठ श्रेय अपने एक दोस्त के बेटे छोटू को अपने साथ महल में लाता है और सौरभ से कहता है यह मेरे दोस्त का बेटा है इसे अचे काम पे लगाओ और इसे अच्छा पैसा भी देना कह कर वह से चला गया । सौरभ छोटू से लडकिया तुड़वाता था और जानवरो को चारा खिलवाता था, यह देख मालिक ने बोला सौरभ यह मेरे दोस्त का बेटा है इससे यह सब काम मत करवाओ इसे अपने साथ काम पर लगाओ और अपना काम सिखाओ के कर चला गया।
सौरभ ने छोटू से कहा में जैसा बोलूंगा वैसा ही करना नही तो तुम्हे पैसे नही मिलेंगे और नौकरी से निकाल दूंगा। एक दिन सौरभ का एक्सीडेंट होगया और वह एक महीने तक काम पर नही गया इसलिए छोटू सारा काम संभाल रहा था।
महीने के आखिरी में जब उसने मालिक को जब हिसाब दिया तो मालिक ने देखा कि हर महीने से दुगना मुनाफा हुआ, यह देख मालिक छोटू से बोहोत कुश हुआ और कहा यह कैसे दुगना मुनाफा कैसे होगया।
तोह छोटू ने कहा मुनाफा तो हर महीने होता था पर सौरभ नुकसान बता कर सारे पैसे अपने पास रख लेता था, यह सुनकर मालिक ने सौरभ को जेल करवा दी, और छोटू तबसे मालिक का सारा कारोबार संभालने लगा और अच्छी ज़िन्दगी जीने लगा।


Moral of this story (सिख)-

तोह बच्चो इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है कि कभी भी बेमानी या चोरी नही करनी चाहिए। हमेशा अपना काम ईमानदारी से करना चाहिए।
New Moral Stories In Hindi (Moral Stories In Hindi)


7. एकता में बल है
(motivational story in hindi for success)


एक राम नाम के आदमी की आम के अचार का व्यापार था, उसका व्यापार अच्छा चलता था उसके दो निकम्मे और नालायक बेटे थे जो उसका काम मे कभी साथ नही देते थे और सारा काम राम को ही करना पड़ता था। एक बार व्यापार में बोहोत बाद नुकसान हुआ जिसके कारण राम को दुकान बन्ध करनी पड़ी। जैसे ही कमाई रुक गई तो राम के दोनों बेटे उसे दुख में अकेला छोड़ करअपना सामान लेकर घर छोड़ गए।
राम अकेला होगया था और उदास रहता था एक दिन उसे उसका एक दोस्त मिला और कहा कैसे हो राम तो राम ने अपनी सारी बाते बताई, यह सुनकर राम के दोस्त ने बोला कि अब तुम सिर्फ आम का अचार नही गोभी, चने, मिक्स और कई प्रकार के अचार बनाओ, राम ने कहा उसके पास पैसे नही ह तो उसके दोस्त ने कुछ पैसे उसे देदिये जिससे राम ने फिरसे अपना व्यापार शुरू किया
धीरे धीरे उसका व्यापार अलग अलग शहरो में भी फेलने लगा और बाद होगया।
 यह देख उसके दोनों बेटे वापस आए और कहा कि पिताजी हमे माफ करो हमसे भूल होगई, यह सुनकर राम ने कहा कोई बात नही बीटा तुम्हे अपनी गलतियों का एहसास होगया इसे बड़ी क्या बात हो सकती है। फिर वह सब साथ मे काम करने लगे और व्यवहार और अच्छे से होने लगा।


Moral of this story (सिख)-

तो बच्चो इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है कि हमे सुख दुख सब साथ मे बाटना चाहिए और एक साथ रहना चाहिए।


8. आलस एक बुरी बला
(moral stories in hindi for class 3)


एक सहर में एक बोहोत बाद सेठ था जो बोहोत मेहनती था और बोहोत कमाता था उसका एक बेटा था जो बोहोत आलसी था। सेठ अपने बेटे के आलस से बोहोत परेशान था। और उसे अपने साथ काम मे हाथ लगाने के लिए कहता था, पर उसका बेटा कुछ नही करता था और सुबह देरी से जगता था।
एक दिन सेठ की तबियत बोहोत खराब होगई और कुछ दिनों बाद उसकी मौत होगई, और सारा कारोबार की जिम्मेदारी उसके बेटे पर आगई।
New Moral Stories In Hindi (Moral Stories In Hindi)

उसका बेटा कुछ नही करता था जिसके कारण सारे मजदूर ठीक से कम नही करते थे, फिर उन्हें व्यापार में नुकसान होने लगा। एक दिन सेठ की पत्नी ने बेटे से कहा बीटा अगर तुम कुछ नही करोगे तो हमलोग रोड पर आजाएँगे, बेटे ने कहा मुझे व्यापार करना नही आता तो में क्या करूँ, तोह उसकी माँ ने उसे कहा जाओ अपने चाचा से सीखो उन्हें इस व्यापार के बारे में सब पता है।

तोह वह अपने चाचा से सब सिख कर आता है और रोज सवेरे जल्दी उठता और अपना सारा कारोबार देखता और जहाँ जहाँ उसका व्यापार था वह रोज वह एक चक्कर मार के आता, यह देख सारे मजदूरों ने सोचा कि अब सेठ का लड़का रोज काम देखने आता है तो उन्हें काम ठीक से करना होगा नही तो उनकी नौकरी ख़तरे में आ सकती है , तो वह सब ठीक से काम करने लगे और सेठ का व्यापार फिरसे अच्छा चलने लगा और वह अच्छा पैसा फिरसे कमाने लगे।


Moral of this story (सिख)-

तो बच्चों इस कहानी से यह सिख मिलती है कि हमे कभी भी आलस नही करना चाहिए, क्योंकि "आलस बुरी बला है "।


9. जिद्दी कछुआ
(hindi funny motivational story)


एक जंगल में एक तालाब में भीकू नाम का कछुआ रहता था, उसका एक सपना था कि वह भी बाकी पंछियो की तरह आसमान में उड़े। उसने उड़ने की कोहिश करि पर वह अपनी हर कोशिष में नाकामयाब हुआ। एक दिन उसे एक बड़ा चील मिला वह उसके पास गया।

कछुऐ ने चील से कहा, चील भाई मुझे उड़ना है क्या तुम मेरी उड़ने में मदत करोगे, यह सुनके चील हँसने लगा और कहा कछुऐ भी उड़ने के लिए पंख होना चाहिए जो तुम्हारे पास नही है। फिर कछुऐ ने कहा कि भाई तुम मुझे पकड़ के उनपर ले जाओ और मुझे वह से छोड़ देना तो में उड़ने लगूंगा, तो चील ने कहा भाई इससे तुम निचे गिर कर मर भी भी सकते हो।
जिद्दी कछुआ चिली के कई बार कहने पर भी नही माना और फिर बोलने लगा मुझे कुछ नही होगा बस तुम मुझे ऊपर से छोड़ देना में उड़ने लगूंगा, फिर चील उसे पकड़ कर ऊपर लेजाता है, कछुऐ को बड़ा मजा आता है ऊपर से नीचे दुनिया देखने मे।


New Moral Stories In Hindi (Moral Stories In Hindi)

फिर कछुआ बोलता है कि भाई मुझे अब छोड़ दो में उदूँगा, चील फिरसे उसे कहता है भाई जिद्द मत्त करो, कछुआ नही मानता है और चील उसे छोड़ देता है।
जैसे जैसे कछुआ ज़मीन के करीब आता है तो उसे एहसास होता है कि वह उड़ नही रह बल्कि गिर रहा है, और वह धड़ाम से नीचे गिरता है, और फुर वह अपने आप को कोसता है कि में भी कितना पागल हु चील के इतने कहने पर भी में अपनी जिद्द पे अड़ा रहा, वोह तो अच्छा हुआ कि उसके कवच ने मुझे बचा लिया नही तो में मर ही जाता। उस दिन के बाद कछुऐ ने फिर कभी उड़ने का सपना नही सोचा और अपनी जिद्द छोड़ दी।


Moral of this short story (सिख)-

तो दोस्तो इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है कि हमे कभी भी ज्यादा जिद्दी नही होना चाहिए जिस्से हमे कोई नुकसान या तकलीफ पोहोंचे।


10. घमंडी महाराणी
(moral stories in hindi for class 9)


एक राज्य का एक महाराजा  था, जिसका अपनी प्रजा के लिए काफी अच्छा स्वभाव था और वह बडा ही दयालु आदमी था हमेशा अपनी प्रजा की सहायता करता था। पर उसकी रानी बड़ी ही कठोर और घमंडी थी क्योंकि वह महारानी थी, वह किसी भी नौकर से बात नही करती और ना ही किसी भी गांव वालों से, जब भी कोई उससे बात करने की कोशिश करता वह उन्हें नज़रअंदाज़ करके चली जाती थी।

राज्य के सारे लोग उसके इस व्यवहार से उससे नाराज़ होगए। एक दिन महारानी का एक क़ीमती हार जो उसकी माँ ने उसे शादी के समय पर दिया था वह कही खोगया, रानी के काफी ढूंडा पर उससे नही मिला वह महल के नौकर चाकर से पूछने लगी कि किसीने उसका हार देखा क्या। क्योकि महारानी घमंडी थी उसकी मदत किसीने नही करि, जब काफी देर अकेले  ढूंढने के बावजूद जब रानी को हार नही मिला तब वह रोने लगी, और सोचने लगी कि मेरे ऐसे कठौर व्यवहार और मेरे घमंड के कारण मेरी कोई सहायता नही कर रहा , रानी को रोटा देख सब नौकर भावुक हो गए और कहा रो मत रानी हम आपकी हार ढूंढने में मदत करेंगे।
फिर जब महारानी का हार ढूंढने में लग जाते है कुछ देर बाद उनका हार भी मिल जाता है और फिर महारानी सारे नौकरो को ध्यावाद करती है, और अपनी कठोरता और घमंड भी छोड़ देती है।


Moral of this short hindi story,

moral stories in hindi for class 9

 (सिख)-

तो दोस्तो इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है कि हमे कभी भी अपने ऊपर घमंड नही करना चाहिए और कभी कठोर नही बनना चाहिए जिसके कारण हमें दिक्कतों में पड़ना पड़े।

- तो दोस्तो हम उमीद करते है कि आपको यह top 10 new moral stories in hindi जरूर पसंद आया होगा अगर आपको य moral stories in hindi पसंद आया तो अपने दोस्तों और बच्चो के साथ जरूर शेयर करना ताकि उन्हें भी इससे कुछ सिख मील और वह कभी गलत राह पर ना जाए।

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